५ वर्षों से गौ माता की निःस्वार्थ सेवा में

हर बेसहारा गाय को
मिले प्यार और घर

महादेव गो सेवा वर्षों से आवारा और बीमार गायों की सेवा कर रहा है। अब हमें एक स्थायी गौशाला बनाने के लिए आपके सहयोग की आवश्यकता है।

१५०+
गायें संरक्षित
५००+
दानदाता परिवार
५ साल
की निरंतर सेवा
२४×७
गायों की देखभाल
हमारे बारे में

गौ माता की सेवा
हमारा संकल्प है

महादेव गो सेवा पिछले ५ वर्षों से बेसहारा, घायल और बीमार गायों की सेवा में समर्पित है। हम गायों को आश्रय, भोजन, चिकित्सा और प्यार देते हैं।

आज हम खुले आसमान के नीचे गायों की सेवा कर रहे हैं। हमारा सपना है कि इन्हें एक स्थायी छत और सुरक्षित घर मिले।

हमारा सपना पूरा करने में मदद करें →
गौशाला क्यों ज़रूरी है?
  • स्थायी आश्रय

    गर्मी, बारिश और ठंड से गायों को बचाने के लिए पक्की छत

  • चिकित्सा सुविधा

    घायल और बीमार गायों का उचित इलाज और देखभाल

  • सुरक्षित वातावरण

    सड़कों पर होने वाले हादसों से गायों को सुरक्षा

तत्काल अपील — गोशाला निर्माण

आज भी गायें हैं
खुले आसमान के नीचे

हमारी १५०+ गायें बिना छत के रहती हैं। बारिश में भीगती हैं, कड़ाके की ठंड में ठिठुरती हैं, और तेज़ धूप में तपती हैं। हमारे पास सेवा का जज़्बा है — बस एक छत की ज़रूरत है।

  • बारिश में कोई सहारा नहीं

    मानसून में गायें भीगती हैं, बीमार पड़ती हैं और चारा गीला हो जाता है।

  • गर्मी में लू और प्यास

    45°C की गर्मी में छाया नहीं — गायें थकती हैं और बीमार पड़ती हैं।

  • ठंड में ठिठुरती हैं गायें

    सर्दियों में बिना दीवार के ठंडी हवा सीधे लगती है, बुज़ुर्ग गायें ज़्यादा पीड़ित होती हैं।

"एक छत दे दो गाय को — यही हमारी अरदास है।"

गोशाला निर्माण निधि

स्थायी आश्रय के लिए जन-अभियान

₹१,४७,५०० एकत्रित
₹५,००,००० लक्ष्य
29%
२३४ दानदाताओं का सहयोग
अभी ज़रूरत है!
निर्माण के चरण
ज़मीन की पहचान
निर्माण निधि जुटाना ← अभी यहाँ हैं
नींव और दीवारें
छत और पूरा परिसर
गोशाला बनाने में दान करें
इस अभियान को अपने परिवार और मित्रों के साथ साझा करें

हमारी गायों से मिलिए

हर गाय की एक कहानी है — आपके दान से इन कहानियों को खुशहाल अंत मिला।

गौरी माता

सड़क पर घायल मिली थी, पैर में गहरी चोट थी। अब हमारी गौशाला में पूरी तरह स्वस्थ है।

✓ स्वस्थ

नंदिनी

बछड़े को जन्म देते समय कमज़ोर पड़ गई थी। उचित देखभाल से अब दोनों माँ-बच्चे स्वस्थ हैं।

🌟 माँ बनी

कामधेनु

वृद्ध होने पर मालिक ने छोड़ दिया था। यहाँ उसे परिवार मिला, अब आनंद से रहती है।

💜 बुज़ुर्ग सेवा

स्वयंसेवक बनें

गौ सेवा में हाथ बंटाएं — आपका समय और सहयोग गायों के जीवन को बेहतर बनाता है।

गौशाला के लिए दान करें